स्वांस स्वांस मेरा साथ

तेरा सुमिरन करूँ दयानिधि मैं पल पल दिन रात
तुम भी यों ही देते रहो स्वांस स्वांस मेरा साथ

तुम प्यार भरी गंगा यमुना,सात समुन्दर संग मोती
मैं बन पाऊँ तेरी काई,तो बन जाए मेरी बात

ना फूल,ना धुप,ना घी ना ज्योति
वन्दना करूँ ह्रदय,जोड़े दोनों हाथ

बहता बहता दूर भटक गया डूब रहा अब नाले में
भेज प्यार की नाव को लेलो संग मे नाथ

तेरा सुमिरन करूँ करुणा निधि मैं पल पल दिन रात
तुम भी देते रहो स्वांस स्वांस मेरा साथ....

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