आयोजन की शोभा
महफ़िल परवान चढ़ेगी,सबमे रोटी-भात बँटेगी आप केक काटोगे, तब आयोजन की शोभा बढ़ेगी आँखो में सबके चमक आएगी,मूहँ में सबके पानी एक केक के टूकड़े ख़ातिर,सारी महफ़िल दीवानी ये दावत तब ही आगे बढ़ेगी आप केक काटोगे तब आयोजन की शोभा बढ़ेगी सारे वयंजन फीके आज,मीठा बस ये केक है यह केक ही आज थाली में इन्हें आपकी भेंट हैं यही खाकर सबकी भूख मिटेगी आप केक काटोगे तब आयोजन की शोभा बढ़ेगी “गुरू चरण” प्रेम निहाल हुआ,केक कटाया आपसे प्रेम भाव आपको समर्पित,वो भी कमाया आपसे जन्मदिन की आपको बधाई,यही बेला मेरी याद बनी आपने केक काटा तब,आयोजन की शोभा बढ़ी।।।