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आयोजन की शोभा

महफ़िल परवान चढ़ेगी,सबमे रोटी-भात बँटेगी आप केक काटोगे, तब आयोजन की शोभा बढ़ेगी आँखो में सबके चमक आएगी,मूहँ में सबके पानी एक केक के टूकड़े ख़ातिर,सारी महफ़िल दीवानी ये दावत तब ही आगे बढ़ेगी आप केक काटोगे तब आयोजन की शोभा बढ़ेगी सारे वयंजन फीके आज,मीठा बस ये केक है यह केक ही आज थाली में इन्हें आपकी भेंट हैं यही खाकर सबकी भूख मिटेगी आप केक काटोगे तब आयोजन की शोभा बढ़ेगी “गुरू चरण” प्रेम निहाल हुआ,केक कटाया आपसे प्रेम भाव आपको समर्पित,वो भी कमाया आपसे जन्मदिन की आपको बधाई,यही बेला मेरी याद बनी आपने केक काटा तब,आयोजन की शोभा बढ़ी।।।

सब कुछ तेरे बाद...

दिल से रूह तक बसी रहे,प्रियतम तेरी याद काम-काज ओर राज-पाट, सब कुछ तेरे बाद मैं कहीँ ओर तुम कहीँ,पर हृदय पर तुम्हारी छाप मेरे लिए मैं सर्वोपरि,पर मुझसे पहले आप काम-काज ओर राज-पाट, सब कुछ तेरे बाद मेरा नूर तुम,गुरूर तुम,तुम से ही दिन-रात सब मेरा ओर मैं तेरा,दयो चरण कमल के ठाठ काम-काज ओर राज-पाट, सब कुछ तेरे बाद "चरण"करे मोहे शरण धरो,हरलो सुख-सन्ताप दुख-सुख,जन्म-मरण,सब पर तेरा राज काम-काज ओर राज-पाट, सब कुछ तेरे बाद