यकीं कीजिये...
आसां नही है...आंसू रोक पाना...यकीं कीजिये आसां नही...तुमसे दिल लगाना...यकीं कीजिये यकीं है हृदय को,मेरे बुलावे पर आए हो सताया है छः माह,मनाने अब आये हो आसां नही है...तुमसे रूठ पाना...यकीं कीजिये... मैं भागा बहुत,दीद भर को तेरी तेरी आँख-मिचौली,भीगी पलकें मेरी आसां नही है...भीगी पलकें सुखाना...यकीं कीजिये प्रेम तुमसे प्रिय,प्रसंग तुम ही रचो घर आये हो सजन ,एक बार तो दिखो आसां नही है...तुम्हे देखे बिन जी पाना...यकीं कीजिये बिन सजनिया देखो,मैं बिरहा सह रहा हूँ प्रेम मन मे समेटे,तुम्हे देखे बिन रह रहा हूँ आसां नही है... "गुरुचरण" प्रेम निभाना...यकीं कीजिये आसां नही है...तुमसे दिल लगाना...यकीं कीजिये