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Showing posts from October, 2016

कब आओगे.,कब बुलाओगे...

प्यारे प्रभु,कब आओगे😪😪 कब हमे बुलाओगे😢 ये प्यार चीज़ बुरी है❤ कई उम्मीद जुड़ी हैं🤔 यूँ तो तुम बिन सब बुरा है💔 पर तेरी जुदाई उस से भी बुरी है💘 कब तक तरसाओगे💗 कब आओगे,👣कब बुलाओगे👣👣 मैं तुम्हे,तुम मुझे देख मुस्कुराते हो🙂 नैन ही नैन मे मुझको गले लगाते हो🤗 सत्संग मैंने नही सुना कभी भी हमेशा लगता है मुझसे बतियाते हो😄 हाल-चाल कब सुनाओगे कब आओगे👣,कब हमे बुलाओगे👣👣 तेरा मिलन त्योहारों से कम नही दाता🌟💥✨💫 अब तुमसे मिले बिना नही रहा जाता😪 जैसे तैसे करके कुछ समय काट लिया पर अब तुम बिन कुछ भी नही भाता💔 कितना समय लगाओगे कब तो आओगे✈कब हमे बुलाओगे👣👣 मैं रूठा तो तुम्हे मुझे मनाना पड़ेगा😞 यही देरी से आने का हर्जाना लगेगा😊 सिर्फ इतना ही नही काफी होगा प्यारे मुझे हंसते हुए गले से लगाना पड़ेगा🤗 कहो कब कदम बढाओगे👣 कब आओगे,कब बुलाओगे👣👣 चलो छोड़ो सब,बस एक बात पक्की करलें👍🏻 दोनो बनकर व्यापारी व्यापार करलें🙌 मुझे तुम्हारी ओर तुम्हे मेरी ज़रूरत है🤔 तो क्यों न आपस मे एक सौदा करलें🌙⭐ "गुरुचरण"तुम्हारा ओर तुम मेरे हो जाओगे कब आओगे✈कब हमे बुलाओ...

हृदय द्वार खुले हैं तेरे स्वागत मे....

हृदय द्वारा खुले हैं तेरे स्वागत मे तुम दूर देश से आओगे थोड़ा बहुत थक जाओगे मेरे हृदय कपाट खुले मिलेंगे नैन झुकेंगे तेरी आव-भक्त मे हृदय द्वार खुले हैं तेरे स्वागत मे मेरे लिए क्या लाओगे एक मुस्कान भरा चेहरा काफी ये क्या कम है मुझसे मिलन को तुमने सारी धरती मापी अश्रु बहेंगे तेरी चाहत मे हृदय द्वार खुलें हैं तेरे स्वागत मे मैं सो जाऊं तो ज़गा लेना खाने मे जो कुछ मन हो मुझसे कहकर बनवा लेना नमक डलेगा मेरे नैनो के आंसू का खीर मे मीठा डलेगा,मेरे प्रेम की चाहत से हृदय द्वार खुले हैं तेरे स्वागत मे तुमने सारी धरती बांची है "गुरुचरण" से चरण धुलवा लेना जब सोने जाओ बिस्तर पर मुझे चरणों के पास बैठा लेना तेरे चरणों से सुंदर बिस्तर नही नींद आएगी बड़ी राहत मे हृदय द्वार खुले हैं तेर स्वागत मे हृदय द्वार खुलें है तेरे स्वागत मे....

प्रेम तेरा हो जाऊं

हे प्रेम तेरा हो जाऊं,हे प्रेम तेरा हो जाऊं तुम मुझको अपनाओ,मैं तुमको अपनाऊं तेरे मेरे प्रेम की दाता, डोर बंधे कुछ ऐसी तुम नज़रें फेर के देखो मुझको,मैं जब-जब तुम्हे बुलाऊँ हे प्रेम तेरा हो जाऊं तुम सिंहासन पर बैठकर,बात करो मुझसे हंस-हंस कर मैं बैठ चरण में दाता, पंखी मोर झुलाऊँ हे प्रेम तेरा हो जाऊं तुम बच्चा समझ देखो मुझे,शरारत भरी नजरों से मैं घुटनो बल बैठ श्रद्धा से,आरती थाल घुमाऊं हे प्रेम तेरा हो जाऊं तुम टहलो कभी शाम को,कोठी के सामने बनी रोड पर मैं साथ-साथ टहलूं तेरे,तुम्हे दिल की बात बताऊं हे प्रेम तेरा हो जाऊं अर्ज़ करे"गुरूचरण" स्वीकार करो हे प्रेम प्रिय, काश ऐसा हो जाए दरवाज़ा खुले तुम अंदर आओ,मैं हक्का-बक्का रह जाऊं हे प्रेम तेरा हो जाऊं हे प्रेम तेरा हो जाऊं,हे प्रेम तेरा हो जाऊं तुम मुझको अपनाओ,मैं तुमको अपनाऊं