हृदय द्वार खुले हैं तेरे स्वागत मे....

हृदय द्वारा खुले हैं तेरे स्वागत मे

तुम दूर देश से आओगे
थोड़ा बहुत थक जाओगे
मेरे हृदय कपाट खुले मिलेंगे
नैन झुकेंगे तेरी आव-भक्त मे
हृदय द्वार खुले हैं तेरे स्वागत मे

मेरे लिए क्या लाओगे
एक मुस्कान भरा चेहरा काफी
ये क्या कम है मुझसे मिलन को
तुमने सारी धरती मापी
अश्रु बहेंगे तेरी चाहत मे
हृदय द्वार खुलें हैं तेरे स्वागत मे

मैं सो जाऊं तो ज़गा लेना
खाने मे जो कुछ मन हो
मुझसे कहकर बनवा लेना
नमक डलेगा मेरे नैनो के आंसू का
खीर मे मीठा डलेगा,मेरे प्रेम की चाहत से
हृदय द्वार खुले हैं तेरे स्वागत मे

तुमने सारी धरती बांची है
"गुरुचरण" से चरण धुलवा लेना
जब सोने जाओ बिस्तर पर
मुझे चरणों के पास बैठा लेना
तेरे चरणों से सुंदर बिस्तर नही
नींद आएगी बड़ी राहत मे
हृदय द्वार खुले हैं तेर स्वागत मे

हृदय द्वार खुलें है तेरे स्वागत मे....

Comments

Popular posts from this blog

मैं चाहता हूँ…..

कमी सी है ,,,,

जन्मदिन है पावन त्यौहार..💐