प्रेम तेरा हो जाऊं

हे प्रेम तेरा हो जाऊं,हे प्रेम तेरा हो जाऊं
तुम मुझको अपनाओ,मैं तुमको अपनाऊं

तेरे मेरे प्रेम की दाता, डोर बंधे कुछ ऐसी
तुम नज़रें फेर के देखो मुझको,मैं जब-जब तुम्हे बुलाऊँ
हे प्रेम तेरा हो जाऊं

तुम सिंहासन पर बैठकर,बात करो मुझसे हंस-हंस कर
मैं बैठ चरण में दाता, पंखी मोर झुलाऊँ
हे प्रेम तेरा हो जाऊं

तुम बच्चा समझ देखो मुझे,शरारत भरी नजरों से
मैं घुटनो बल बैठ श्रद्धा से,आरती थाल घुमाऊं
हे प्रेम तेरा हो जाऊं

तुम टहलो कभी शाम को,कोठी के सामने बनी रोड पर
मैं साथ-साथ टहलूं तेरे,तुम्हे दिल की बात बताऊं
हे प्रेम तेरा हो जाऊं

अर्ज़ करे"गुरूचरण" स्वीकार करो हे प्रेम प्रिय, काश ऐसा हो जाए
दरवाज़ा खुले तुम अंदर आओ,मैं हक्का-बक्का रह जाऊं
हे प्रेम तेरा हो जाऊं

हे प्रेम तेरा हो जाऊं,हे प्रेम तेरा हो जाऊं
तुम मुझको अपनाओ,मैं तुमको अपनाऊं

Comments

Popular posts from this blog

मैं चाहता हूँ…..

कमी सी है ,,,,

जन्मदिन है पावन त्यौहार..💐