मैं बुद्ध हो गया हूँ,,,main budhh ho Gaya hoon…!!

 तन-मन-धन से शुद्ध हो गया हूँ

तुमसे मिला हूँ,मैं बुद्ध हो गया हूँ


धर्म भुला-कर्म भुला

बैठकर अंतर्मन में झूला

जागकर सो रहा हूँ

अधीन था, समृद्ध हो गया हूँ

तुमसे मिला हूँ,मैं बुद्ध हो गया हूँ


समय का ज़हर 

बेअसर हो रहा है 

अमृतरस अविरत बह रहा है 

मैं पंचामृत बनकर 

शुद्ध हो गया हूँ

तुमसे मिला हूँ,मैं बुद्ध हो गया हूँ


मेरे हृदय का 

तेरे चरणों से आलिंगन

मैंने सुबह मेरे हाथ चूमे

मान तेरे चरण

धुलकर प्रेम धारा में 

चरणामृत सा शुद्ध हो गया हूँ

तुमसे मिला हूँ,मैं बुद्ध हो गया हूँ


“गुरु” ने मैं-मैं में जीवन गुजारा

अंततः लिया तेरा सहारा 

खुदको भूलकर मैं तुम में मिला हूँ

समझ आया सार सारा 

तुम में मिलकर मैं तुम हो गया हूँ 

तुमसे मिला हूँ,मैं बुद्ध हो गया हूँ

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